संतकबीर नगर: उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर में एक पहलवान की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 35 वर्षीय पहलवान ब्रह्मानंद को कथित तौर पर बाइक से जाते समय रास्ते में घेर लिया गया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले उनकी आंखों में लाल मिर्च पाउडर झोंका और जैसे ही पहलवान बाइक से नीचे गिरे, उन पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
घटना मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे खलीलाबाद के भगठान गोसाईपुर गांव में हुई। बताया जा रहा है कि पहलवान ब्रह्मानंद अपने घर से महज करीब 100 मीटर दूर पहुंचे थे, तभी 8-10 लोगों ने उन्हें घेर लिया।
आंखों में मिर्च झोंकी, फिर शुरू कर दिया हमला
परिवार के मुताबिक, हमलावरों ने पहले पहलवान की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। आंखों में मिर्च पड़ने के बाद ब्रह्मानंद बाइक से गिर गए। इसके बाद आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
हमले में पहलवान ब्रह्मानंद गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही पहलवान की मौत हो गई।
जिला केसरी रह चुके थे ब्रह्मानंद
ब्रह्मानंद सिर्फ गांव के पहलवान नहीं थे, बल्कि स्थानीय स्तर पर उन्होंने पहलवानी में पहचान बनाई थी। वह वर्ष 2018-19 में संतकबीर नगर के जिला केसरी पहलवान रह चुके थे।
ब्रह्मानंद की शादी 2017 में हुई थी। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। उनकी मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
हत्या के बाद सड़क पर रखा शव
पहलवान की हत्या से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने शव को खलीलाबाद बाईपास पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिवार और ग्रामीणों ने जाम हटाया।
परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
ब्रह्मानंद के भाई का आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। परिवार के मुताबिक, मई में भी मारपीट हुई थी और पुलिस को इसकी जानकारी दी गई थी।
परिवार का दावा है कि पुलिस को संभावित खतरे की जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। भाई का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती तो शायद पहलवान ब्रह्मानंद आज जिंदा होते।
हालांकि पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच प्रधानी और पट्टीदारी को लेकर पुरानी रंजिश चल रही थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल
इस घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की पूर्व शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अगर परिवार का यह दावा सही है कि पहले भी विवाद और मारपीट की शिकायत की गई थी, तो उस समय पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
क्या संभावित खतरे का आकलन समय रहते किया गया था?
और सबसे अहम सवाल—
अगर किसी परिवार को पहले से खतरे का अंदेशा हो और फिर उसी विवाद में एक पहलवान की हत्या हो जाए, तो जिम्मेदारी तय करने का पैमाना क्या होगा?
फिलहाल पहलवान ब्रह्मानंद की हत्या की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की पूरी तस्वीर और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
